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डायबिटीज़ के लिए टेस्ट

वे महत्वपूर्ण क्यों हैं?

ज्ञान के साथ बेहतर कंट्रोल आता है। नियमित ब्लड शुगर टेस्टिंग डायबिटीज़ के साथ जीने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कई चीजें हैं जो आपके ब्लड शुगर के स्तर पर प्रभाव डाल सकती हैं जैसे कि आपकी भावनाएँ या दवाएँ। आपके डॉक्टर द्वारा सुझाई गई फ्रीक्वेंसी (आवृत्ति) पर नियमित टेस्ट्स आपकी अवस्था के शीर्ष पर बने रहने और इसे अधिक प्रभावी ढंग से मैनेज करने में आपकी सहायता कर सकते हैं।

इसके अलावा, यदि आप इंसुलिन-डिपेंडेंट डायबिटीज़ के साथ जी रहे हैं, तो संभावना है कि आपके इंसुलिन की खुराक उस विशेष दिन पर आपके ग्लूकोज़ के स्तर पर निर्भर करेगी।

फास्टिंग शुगर टेस्ट

फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट आपके ब्लड ग्लूकोज़ के स्तर को प्रेडिक्ट करने के लिए सबसे सरल और सबसे अधिक कॉस्ट-इफेक्टिव (लागत-प्रभावी) परीक्षणों में से एक है।

फास्टिंग ब्लड शुगर का स्तर जो 100 मिलीग्राम / डेसीलिटर (5.6 मिलीमोल / लीटर) से कम है, तो सामान्य है।

100 से 125 मिलीग्राम / डेसीलिटर (5.6 से 6.9 मिलीमोल / लीटर) तक फास्टिंग ब्लड शुगर का स्तर प्रीडायबिटीज़ माना जाता है।

यदि दो अलग-अलग टेस्ट्स पर यह 126 मिलीग्राम / डेसीलिटर (7 मिलीमोल / लीटर) या अधिक है, तो संभावना अधिक है कि आपको डायबिटीज़ है।

रैंडम ग्लूकोज़ टेस्ट

डायबिटीज़ को डायग्नोज़ करने के लिए रैंडम प्लाज़्मा ग्लूकोज़ टेस्ट एक और महत्वपूर्ण परीक्षण है। इस परीक्षण के दौरान, बिना पिछले भोजन के समय को मद्देनज़र रखते हुए ब्लड शुगर की जाँच की जाती है; परीक्षण से पहले भी खाने से परहेज करने की कोई आवश्यकता नहीं होती है।

इस टेस्ट पर 200 मिलीग्राम / डेसीलिटर से अधिक ब्लड ग्लूकोज़ का स्तर डायबिटीज़ का संकेत दे सकता है, ख़ासकर यदि टेस्ट बाद में दोहराया जाता है और समान परिणाम दिखाता है।

HbA1c

अध्ययन बताते हैं कि डायबिटीज़ को मॉनिटर करने के लिए HbA1c सबसे अच्छे तरीक़ों में से एक है। HbA1c पिछले 70-90 दिनों में किसी व्यक्ति के ब्लड ग्लूकोज़ के स्तर का औसत प्रति शत बताता है। डॉक्टरों द्वारा डायबिटीज़ मैनेजमेंट में अच्छा कंट्रोल प्राप्त करने के लिए 7% से कम बनाए रखने का साधारणतया सुझाव दिया जाता है। हालाँकि, कृपया अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें क्योंकि व्यक्ति की आयु के आधार पर औसत प्रति शत बदल जाता है।

हालाँकि, HbA1c गर्भवती महिलाओं में डायबिटीज़ डायग्नोज़ करने के लिए और साथ ही उन मामलों में वास्तविक रूप से व्यवहार्य नहीं है जहाँ अन्य ब्लड डिसऑर्डर जैसे सिकल सेल एनीमिया (हँसिया कोशिका रक्ताल्पता) शामिल हैं।

ओरल ग्लूकोज़ असहिष्णुता

ओरल ग्लूकोज़ सहिष्णुता टेस्ट भी डायबिटीज़ का पता लगाने के लिए एक और तरीक़ा है। यह विभिन्न स्थितियों में डायबिटीज़ को डायग्नोज़ करने में उपयोगी है, जैसे कि:

यूरिन टेस्ट

यूरिन टेस्ट शरीर में ग्लूकोज़ के स्तर का मूल्यांकन करने के साथ-साथ प्रोटीन की उपस्थिति को ढूँढने के लिए किया जाता है जो किडनी डिसऑर्डर का संकेत हो सकता है। यूरिन में कीटोन भी डिटेक्ट किए जाते हैं; फैट के मेटाबोलाइज़ (चयापचय) होने पर कीटोन मेटाबोलिक उत्पाद हैं। पैंक्रियास से इंसुलिन का अपर्याप्त स्राव होने पर कीटोन बढ़ जाते हैं। फास्टिंग शुगर जैसे ब्लड टेस्ट के साथ-साथ यूरिन टेस्ट किए जाते हैं, क्योंकि अकेले यूरिन टेस्ट्स अविश्वसनीय हो सकते हैं।

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