1. होम
  2. >
  3. Infocus Detail
  4. >
  5. डायबिटीज़
  6. >
  7. Section
  8. >
  9. डायबिटीज़ को समझना
Pexels Photo 1001762

डायबिटीज़ को समझना

Pexels Photo 1001762

डायबिटीज़ क्या है? 

डायबिटीज़ एक एंडोक्राइन डिसऑर्डर है जो आपके ब्लड शुगर के स्तर को लंबे समय तक बढ़ाता है। यह पैंक्रियाटिक सेल्स के ख़राब होने की वजह होता है, जो अपर्याप्त इंसुलिन बनाते हैं या बनाते ही नहीं हैं।

इंसुलिन इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

इंसुलिन एक हार्मोन है जो उस प्रक्रिया के लिए ज़िम्मेदार है जो कार्बोहाइड्रेट को शुगर में कंवर्ट करता है; जिसे बाद में भविष्य में उपयोग के लिए शरीर में स्टोर किया जाता है। हमारे पैंक्रियास से इंसुलिन का अपर्याप्त या शून्य स्राव शरीर में एक असंतुलन की ओर ले जाता है, जिसके कारण लीवर सेल्स ग्लाइकोजन को ग्लूकोज़ में बदलकर ब्लड स्ट्रीम में जमा कर देते हैं।

डायबिटीज़ के संकेत

डायबिटीज़ की शुरुआत को दर्शाने वाले कुछ सबसे सामान्य लक्षणों में शामिल हैं बार-बार पेशाब आना, बार-बार प्यास लगना, बार-बार भूख लगना (पूर्ण भोजन के बाद भी), शरीर में, विशेष रूप से पैर में, समझायी न सकने वाली जलन, खुजली या रैश, आसानी से चोट लगना, त्वचा के टूटने / कटने पर घावों का धीरे-धीरे ठीक होना या ब्लड का क्लॉट जमना, पैरों और हाथों के चरम सिरों में झुनझुनी होना या सुन्न पड़ना तथा ऊर्जा का स्तर बहुत ही कम होना। हालाँकि, अकसर ये लक्षण अनदेखे किए जा सकते हैं, जिससे ये अनडिटेक्टेड (संज्ञान में न आनेवाले) डायबिटीज़ की ओर अग्रसर हो सकते हैं। इसलिए, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर के लिए डॉक्टर द्वारा नियमित रूप से अपनी जांच करवाना हमेशा एक अच्छा विचार है।

मुझे डायबिटीज़ क्यों हुआ?

भारती हॉस्पिटल, करनाल से अग्रणी एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ संजय कालरा डायबिटीज़ महामारी की तरह क्यों फैल रहा है, इस पर अपना दृष्टिकोण साझा करते हैं। आज लगभग 70 मिलियन भारतीय डायबिटीज़ के साथ जी रहे हैं। यह कोई छोटी संख्या नहीं है। हमारे जेनेटिक मेकअप को ऐसा ट्यून किया गया है कि शरीर में फ़ैट के रिज़र्व स्टोर हो ताकि मौसम की गंभीर परिस्थितियों जैसे अकाल से जीवित बचा जा सकें। प्राचीन समय में, ये स्टोर किए गए खाद्य रिज़र्व या लिपिड हमारे पूर्वजों के शरीर में ऊर्जा में कंवर्ट हो गए, ताकि वे जीने की कठोर परिस्थितियों में जीवित बच सकें। वर्तमान पीढ़ियों की बात करें तो, जीवनशैली, तनाव के स्तर, गतिहीन जीवन, शारीरिक गतिविधि की कमी, अस्वस्थ डाइट, ये सभी शरीर के लिए सरप्लस रिज़र्व में योगदान करते हैं। नतीजन, पैंक्रियास अति काम कर जाता है और खराब होना शुरू कर देता है।

क्या मैं जोखिम में हूँ?

ऐसे कई फैक्टर हैं जो डायबिटीज़ का कारण हो सकते हैं, लेकिन मेडिकल विज्ञान को अभी तक किसी विशिष्ट व्यक्ति के लिए ज़िम्मेदार मुख्य कारण का पता लगाना बाकी है। हालाँकि, शोध दर्शाता है कि निम्न अवस्थाओं से लोगों में डायबिटीज़ होने की संभावना दोगुनी हो जाती हैं, उनकी तुलना में जिनमें ये अवस्थाएँ नहीं हैं।

यह जेनेटिक हो सकता है; परिवार के इतिहास की एक मजबूत भूमिका है। अन्य फैक्टर भी हैं जैसे कि मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप), उच्च ट्राइग्लिसराइड स्तर, डायबिटीज़ ऑटोएंटीबॉडी की उपस्थिति, नशीले पदार्थों का सेवन, या शराब और तंबाकू का अत्यधिक सेवन।

डायबिटीज़ की रेंज

उम्र 20 और ऊपर 
मात्राएँ मिग्रा/डेसीलिटर के रूप में दिखाई गईं हैं 
mg/dL
उपवास100 से कम
भोजन से पहले70-130
After Meal (1–2 hrs)180 से कम
व्यायाम से पहलेइंसुलिन ले रहे हैं तो कम से कम 100
सोने के समय100-140
HbA1c7.0 % से कम या लगभग उतना

SOURCES: American Diabetes Association. “Standards of Medical Care in Diabetes—2014,” Diabetes Care, January 2014.

Shown above are blood glucose ranges defined by American Diabetes Association. You’re kindly advised to refer to a doctor as the values may differ slightly with different age & gender.

प्रीडायबिटीज़ क्या है?

When the blood glucose levels are borderline or higher than what they should be. But not as high as people with diabetes is known as Prediabetes. This condition is a “whistle blower” and indicates that you may proceed towards diabetes type 2, if you do not make the necessary changes in your lifestyle.

डायबिटीज़ के प्रकार क्या हैं?

आप पहले से ही परीक्षणों से गुज़र चुके होंगे और आपके डॉक्टर ने पहले ही समझा दिया होगा कि क्या आपको डायबिटीज़ है, और यदि हाँ, तो किस विशिष्ट प्रकार के साथ आप जी रहें हैं। एक सामान्य समझ के रूप में, निम्नलिखित वर्गीकरणों को विभिन्न प्रकार के डायबिटीज़ की समझ प्रदान करनी चाहिए:

  • टाइप 1 डायबिटीज़:
    • टाइप 1 डायबिटीज़ तब होता है जब पैंक्रियास में इंसुलिन का अपर्याप्त या कोई उत्पादन नहीं होता है। इस अवस्था में आपके शरीर को शुगर को ऊर्जा में कन्वर्ट करने में मदद करने के लिए बाहरी इंसुलिन की आवश्यकता पड़ती है।
  • टाइप 2 डायबिटीज़:
    • टाइप 2 डायबिटीज़ तब होता है जब शरीर में रिसेप्टर सेल्स में किसी दोषपूर्ण रिस्पॉन्स (प्रतिक्रिया) की वजह से पैंक्रियाटिक सेल्स इंसुलिन प्रतिरोधी बन जाते हैं। यह दुनिया भर में सबसे अधिक पाया जाने वाला प्रकार है।
  • गर्भकालीन डायबिटीज़:
    • गर्भकालीन डायबिटीज़ तब होता है जब गर्भावस्था के समय ब्लड शुगर के स्तर बढ़ जाते हैं। काफ़ी संभावना है कि यह एक टेम्पररी (अस्थायी) अवस्था होती है, जिसमें डिलीवरी के बाद ब्लड शुगर के स्तर के अकसर फिर से सामान्य होने की संभावना होती है।
  • वयस्कों में अव्यक्त स्व-प्रतिरक्षित डायबिटीज़ (लेटेंट ऑटोइम्यून डायबिटीज़ इन अडल्ट्स - LADA):
    • LADA तब होता है जब ऑटोसोमल अल्टरेशन (अलिंगसूत्री परिवर्तनों) से दोषपूर्ण बीटा सेल फ़ंक्शन हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप टाइप 1 डायबिटीज़ हो सकता है। भारत में LADA को अकसर टाइप 2 डायबिटीज़ के रूप में ग़लत डायग्नोज़ किया जाता है।

जटिलताएँ

Diabetes is called as a silent killer because many people remain undetected till such time as the consistently high blood glucose levels start affecting other organs such as the heart, the kidney and the liver – referred to as Macro-vascular complications and the nervous system resulting in foot, gum or vision problems called Micro-vascular complications.

अन्य महत्वपूर्ण को-मॉर्बिड (सह-रुग्ण) अवस्थाओं के लिए जाँच करें:

  • डायबिटीक रेटिनोपैथी (डायबिटीक दृष्टिपटलविकृति)
  • किडनी डिसऑर्डर
  • डायबिटीक न्यूरोपैथी (डायबिटीक तंत्रिकाविकृति)
  • क्रॉनिक वैस्क्युलर रोग
  • लीवर डिसऑर्डर
  • इरेक्टाइल डिसफंक्शन (स्तंभन दोष)
  • पॉलीसिस्टिक ओवेरियन रोग

मुझे और क्या जानने की आवश्यकता है ?

Often many people remain undetected till such time that consistently high blood glucose levels have already started affecting other organs such as your heart, kidney, liver – referred to as Macro-vascular complications, and your nervous system resulting in foot, gum or vision problems called Micro-vascular complications.
If you are “suffering” from any other life style conditions, “co-morbid conditons” consult your endocrinologist/ diabetologist. Your doctor will prescribe specific medications and solutions to manage this or any other complication.

मधुमेह पर अधिक पढ़ने के लिए , नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

डायबिटीज़ में आहार - क्या खाएं

डायबीटिज के लिए व्यायाम