Babycare – बच्चे के कान और नाखून की देखभाल

नाखूनों की देखभाल

Babycare - Ear and Nails by Famhealth
  • शिशु के नाखून एडल्ट (वयस्क) नाखूनों से अधिक नरम होते हैं।
  • शिशुओं के नाखून तेज़ होते हैं और एक नवजात, जिसे अपने घिसटते हुए अंगों पर ज़रा-सा कंट्रोल होता है, वह आसानी से अपने चेहरे को खरोंच सकता है।
  •  लंबे नाखून आसानी से इन-ग्रोन (अंतर्वर्धित) भी हो जाते हैं, और बदले में, इन्फेक्टेड (संक्रमित) हो जाते हैं।
  •  छोटे नाखून इतनी तेज़ी से बढ़ते हैं कि आपको उन्हें सप्ताह में कई बार काटना पड़ सकता है।
  • पैर के नाखूनों को कम बार ट्रिमिंग की आवश्यकता होती है।

प्रक्रिया:

  • अपने हाथ धोएं।
  • नाखूनों को ट्रिम करने का सबसे अच्छा समय है जब वह सो रहा हो, और हाल ही में स्नान के बाद, जब वे अभी भी बहुत नरम होते हैं।
  • त्वचा को नोचने से बचने के लिए फिंगर पैड को नाखून से दूर दबाएं, क्लिप करते समय अपने बच्चे के हाथ पर एक मजबूत पकड़ रखें और सीधे काटें।
  • एक नेल फाइल का उपयोग करना अधिक आसान और सुरक्षित हो सकता है।
  • वेट वाइप (गीले पोंछे) से शिशु के हाथ को साफ़ करें और वस्तुओं को रिप्लेस करें।
  • 7 स्टेप्स का उपयोग करके अपने हाथ धोएं।

कान की देखभाल

Ear and Nails by Famhealth

शिशु के कान कैसे साफ़ करें

  • आपको अपने शिशु के कान के अंदर की सफ़ाई करने की आवश्यकता नहीं है। उसके कानों के पीछे वाले हिस्से को धोएं जहाँ मुँह से निकला हुआ दूध साफ़ हो सके
  • आपके शिशु के कान में पानी जाना सामान्य बात है।
  • कॉटन स्वैब (क्यू-टिप्स) से अपने शिशु के कान के अंदर के हिस्से को सुखाने की कोशिश न करें; आप ईयरड्रम को नुकसान पहुँचा सकतीं हैं।
  • चूंकि पहली बात एक कॉटन स्वैब ही अकसर वैक्स बिल्ड-अप (मोम बढ़त) का कारण होता है, आपको शिशु के कान के कैनल को साफ़ करने के लिए उसका उपयोग कभी नहीं करना चाहिए।
  • पानी को बाहर निकालने के लिए, बस कोमलतापूर्वक उसके सिर को साइड में टर्न करें और पानी को बाहर निकलने दें, फिर एक नरम तौलिया से कान के बाहर के हिस्से को सुखाएं।

कान छिदवाने की देखभाल कैसे करें?

हमें कान छिदवाने से पहले और बाद में सावधानी बरतने की जरूरत है।

छिदवाने से पहले हमें जिन मुख्य सावधानियों का पालन करना चाहिए, वे हैं: -

ब्लड थिनर से बचना :- एस्पिरिन, अल्कोहल और अधिक मात्रा में कैफीन सभी ब्लड थिनर (खून को पतला करने वाली चीज़ें) हैं, इसलिए हमें इन चीज़ों से बचना चाहिए, जिस दिन आप पियर्स किए जाए। अगर इसे नजरंदाज कर दिया जाए, तो इससे ब्लीडिंग (रक्तस्राव) हो सकता है।

कान छिदवाने के बाद सावधानियाँ:-

कान छिदवाने के बाद कई सावधानियाँ बरतनी चाहिए। इन्फेक्शन (संक्रमण) से बचने के लिए हाइजीन (स्वच्छता) महत्वपूर्ण है। अन्य सावधानियाँ निम्न हैं:-

  • इन्फेक्शन (संक्रमण) की संभावना से बचने के लिए अपने हाथों को एंटी-बैक्टीरियल (जीवाणुरोधी) साबुन से धोएं।
  • पियर्स किए हुए क्षेत्र को बार-बार छूने से बचें।
  • स्टार्टर ईयरिंग (झुमके) - उन्हें समय से पहले नहीं हटाएं; पियर्सिंग (छेदन) बंद हो सकते हैं या अनुचित तरीक़े से हील हो सकते हैं।
  • पियर्स किए जाने के आठ सप्ताह बाद तक, झुमकों को पहली बार न बदलें।
  • साबुन का उपयोग न करें क्योंकि यह कान के छेदो को हील करने के लिए हानिकारक होता है। यह आपकी त्वचा को ड्राई (शुष्क) कर सकता है और एक पियर्सिंग इन्फेक्शन (छेदन संक्रमण) विकसित करने के लिए उसे अतिसंवेदनशील बना सकता है।
  • उन चीज़ों से सावधान रहें जो आपके झुमके को चीर सकतीं हैं। टोपी, स्कार्फ और अन्य सामान जो आपके झुमके को पकड़ सकते हैं, उन्हें ध्यान से पहना जाना चाहिए।
  • अपने कानों पर शैम्पू, कंडीशनर, और अन्य हेयर प्रोडक्ट के लगने से बचें, क्योंकि इन प्रोडक्ट्स की सामग्री इन्फेक्शन (संक्रमण) का कारण बन सकतीं हैं।
  • तकिये के बल कान रखकर सोने से आपके पियर्सिंग में तकलीफ हो सकती है।
  • उन्हें दिन में तीन बार साफ़ करें
  • पियर्सिंग के दोनों, सामने वाले और पीछे वाले हिस्सों को साफ़ करें, यह सुनिश्चित करते हुए कि पूरा क्षेत्र कवर हो।
  • यह सुनिश्चित करने के लिए कि एंटीसेप्टिक पियर्सिंग के अंदर जा रही है, दो या तीन बार कोमलतापूर्वक झुमकों को घुमाएं।

यदि कोई मवाद (पस) निकलता है, अत्यधिक खुजली, लालिमा, और अत्यधिक दर्द होता है तो यह एक इन्फेक्शन (संक्रमण) का संकेत है, और किसी डॉक्टर को दिखाएं। या तो कान के झुमके को तुरंत स्वयं ही हटा दें, या अगर यह बहुत दर्दनाक महसूस हो रहा है, तो इसे डॉक्टर के द्वारा हटवाएं।

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सामग्री सौजन्य: पोर्टिया

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